How to handle objections in network marketing business नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस में ऑब्जेक्शन को कैसे हैंडल करें

How to handle objections in network marketing business – आज के इस लेख में मैं आप सभी को बताऊंगा कि आखिर लोग ऑब्जेक्शन करते क्यों हैं? यानी कि जब आप अपना बिजनेस अपॉर्चुनिटी लेकर किसी व्यक्ति के पास जाते हैं दिखाने के लिए वह व्यक्ति आपका बिजनेस अपॉर्चुनिटी देख भी लेता है अच्छे से समझ भी लेता है और जब जुड़ने की बात आती है तो वह कोई ना कोई ऑब्जेक्शन दे देता है।

How to handle objections in network marketing business
How to handle objections in network marketing business

नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस में अगर सबसे ज्यादा कोई स्किल डेवलप करने की जरूरत पड़ती है तो वह है ऑब्जेक्शन हैंडलिंग स्किल।

नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस में जब कहीं प्लान शो करने जाते हैं तो वहां पर 100% लोगों में से 10% लोग ऐसे होते हैं जिनको आप अपने बिजनेस के बारे में सारी इनफार्मेशन अच्छी तरीके से दे देते हैं तो यह लोग तुरंत डिसीजन ले लेते हैं और आपके साथ आपके बिजनेस में जुड़ जाते हैं।

100% में से 80% लोग ऐसे होंगे जिनके मन में आपके बिजनेस को लेकर के डाउट होंगे जिसके वजह से वह सही फैसले नहीं ले पा रहे होंगे। इसलिए वह आपके सामने कुछ ऑब्जेक्शन भी रखेंगे।

तो अगर आप उनके ऑब्जेक्शन को हैंडल कर देते हैं तो 80% लोगों में से लगभग 70% लोग ज्वाइन हो जाते हैं।

और 100% लोगों में से जो 10% लोग होते हैं। वह लोग ऐसे होते हैं जिनको आप दुनिया के चाहे कोई भी बिजनेस प्लान दिखा लीजिए। चाहे आप कितना भी बढ़िया तरीके से उनके ऑब्जेक्शन को हैंडल कर लीजिए लेकिन वह लोग आपके साथ नहीं जुड़ेंगे।

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तो जो 80% लोग ऐसे होते हैं जिनकी ऑब्जेक्शन को अगर आप हैंडल कर लेते हैं तो वह लोग आपके बिजनेस में जुड़ जाते हैं। उन्हीं लोगों के बारे में आज के इस लेख में आप सभी को बताऊंगा,

कि आखिर वो लोग ऑब्जेक्शन करते क्यों हैं? और किस तरह से उनके ऑब्जेक्शन को हैंडल करके उनको अपने बिजनेस में ज्वाइन कराया जा सकता है?

ऑब्जेक्शन हैंडल करने से पहले आपको यह समझना पड़ेगा कि आखिर लोग ऑब्जेक्शन करते क्यों हैं?

जब भी आपके सामने कोई ऑब्जेक्शन आए तो यह मत समझिए कि ऑब्जेक्शन रिजेक्शन है, बल्कि आप यह समझिए की ऑब्जेक्शन आपके लिए अपॉर्चुनिटी है।

कोई भी व्यक्ति आपके सामने ऑब्जेक्शन इसलिए रखता है क्योंकि जो बात आप उस व्यक्ति से बताना चाहते हैं उसके बारे में उसको पता नहीं होता है। इसलिए आप उस व्यक्ति को एजुकेट कीजिए ताकि जिंदगी में सही फैसला ले सके।

ऑब्जेक्शन को रेज करने का जो पहला रीजन है, वह है

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1. Seeking for clarifications

कुछ लोग आपके सामने सिर्फ इसलिए ऑब्जेक्शन करते हैं क्योंकि प्लान देखते-देखते ही उनको कुछ बातें तो समझ में आ जाती है उनको अपने सपने तो पूरे करने होते हैं, लेकिन उनके मन में यह सवाल आते हैं कि मेरे पास इस बिजनेस के लिए ज्यादा टाइम नहीं है तो क्या मैं इस बिजनेस को कर पाऊंगा?

आप उनको यह बता दिए होते हैं इसको आप पार्ट टाइम में भी कर सकते हैं लेकिन वह इस बात को क्लेरिफाई करना चाहते हैं। इसलिए अपने बातों को ऑब्जेक्शन के रूप में आपके सामने रख देते हैं।

आपसे कुछ इस तरीके से बात करते हैं जैसे कि इस बिजनेस को करने के लिए मेरे पास टाइम नहीं है।

जब कोई व्यक्ति आपसे यह बोलता है कि मेरे पास टाइम नहीं है तो आप यह सोचिए कि वह व्यक्ति आपको मना नहीं कर रहा है कि मैं इस बिजनेस को नहीं कर पाऊंगा,

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यह कहना चाहता है कि क्या इस बिजनेस को कम समय में भी किया जा सकता है?

तो जब आपके सामने यह ऑब्जेक्शन आए की मेरे पास टाइम नहीं है तो आप उस व्यक्ति को यह बताइए कि इस बिजनेस में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो अपनी प्रजेंट वर्क को बिना डिस्टर्ब किए इस बिजनेस में भी सक्सेज हासिल किए हैं।

या फिर अगर आपके सामने ऑब्जेक्शन आता है कि मेरे पास अभी पैसे नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह मना करते हैं कि मैं आपके बिजनेस नहीं करूंगा,

बल्कि वह यह कहना चाहते हैं कि क्या इस बिजनेस को कम पैसे में भी किया जा सकता है अगर आप इस तरह के उनके ऑब्जेक्शन को हैंडल कर देते हैं तो वह लोग बहुत ही आसानी से आपके साथ आपके बिजनेस में जुड़ जाते हैं।

2. To sound smart

यानी कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके जीवन में महत्व की कमी होती है उनको उतना महत्व नहीं दिया जाता है जितना वह चाहते हैं। इस वजह से कुछ लोग ऐसे होते हैं जो ऑब्जेक्शन रेज करते हैं ताकि उनको महत्त्व दिया जाए उनको स्मार्ट समझा जाए।

तो अगर ऐसे लोगों के ऑब्जेक्शन को अगर आप हैंडल नहीं कर पाते हैं तो यह लोग बहुत ही खुश होते हैं यह लोग यह सोचते हैं कि मैं बहुत ही स्मार्ट हूं मेरे ऑब्जेक्शन का इसके पास कोई भी जवाब नहीं है।

और अगर आप उनके ऑब्जेक्शन को हैंडल कर देते हैं उनके हर सवालों का जवाब दे देते हैं तो भी वह बहुत खुश होते हैं। यह सोच कर कि आप उनको उनके सवालों का जवाब देने योग्य समझे और आप उनके ऑब्जेक्शन को हैंडल किए।

3. Need for assurance

यहां पर जो सामने वाला व्यक्ति होता है उसके मन में यह सवाल चलता है कि अगर मैं जीत गया तो कितना अच्छा होगा और यह भी सवाल चलता है कि अगर मैं हार गया तो क्या होगा?

यानी कि वह सोचता है कि अगर मैं इस बिजनेस में सफलता हासिल कर लेता हूं तो कितना अच्छा रहेगा और यह भी सोचता है कि अगर इस बिजनेस में मैं असफल हो जाऊंगा तो क्या होगा?

तो इस बात को आप को क्लियर करना होगा। आप उस व्यक्ति को यह समझा सकते हैं कि यहां पर कोई भी किसी भी तरह का कोई भी दिक्कत नहीं है।

यहां पर ऑर्गनाइजेशन काम करती है। यहां पर सिस्टम काम करती है। यहां पर टीमवर्क है और मैं आपका सपोर्ट करूंगा। मैं आपको इस बिजनेस के बारे में सीखने में पूरा-पूरा मदद करूंगा।

जब आप इस तरह से बातें करने लगते हैं तो उनके मन से डर समाप्त हो जाता है और उनका सपना जगने लगता है जब उनका सपना क्लियर हो जाता है कि इस बिज़नेस में मेरा हर वह सपना पूरा हो सकता है जो सपनों में देख रहा हूं तो वह इस बिजनेस को ज्वाइन कर लेते हैं।

4. Need more information

कुछ लोग ऑब्जेक्शन इसलिए सामने रखते हैं क्योंकि उनको कुछ बातें समझ में आती है कुछ बातें नहीं समझ में आती है।

बिजनेस के बारे में भी उनको कुछ चीजें समझ में आ जाती है और किस चीजों को लेकर के उनके मन में डाउट चल रहा होता है,

तो वो लोग इन चीजों को क्लियर करना चाहते हैं जैसे कि मान लीजिए उनके मन में यह सवाल आता है कि यह बिजनेस तो बहुत अच्छे हैं इस बिजनेस में पैसे भी आते हैं,

लेकिन फिर भी उनके यह सवाल आता है कि अगर यह बिजनेस अच्छी है तो सारे लोग इस बिजनेस को क्यों नहीं करते हैं। कुछ लोग इस बिजनेस को करने से मना क्यों कर देते हैं?

इसी के बारे में इंफॉर्मेशन लेना चाहते हैं। इसलिए ऑब्जेक्शन के रूप में आपके सामने यह सवाल खड़ा कर देते हैं कि आजकल यह बिजनेस तो चल ही नहीं रहा है इस बिजनेस में तो लोग जुड़ ही नहीं रहे हैं।

उनका पूछने का असली मकसद यह होता है कि आप मुझे यह बताइए कि क्या वाकई में इस बिजनेस में लोग जुड़ते हैं। इस बिजनेस में लोग कामयाब होते हैं।

और अगर लोग इस बिजनेस में कामयाब होते हैं इस बिजनेस में लोग जुड़ते हैं तो लोगों को जोड़ने के लिए आखिर करना क्या पड़ता है?

इसी बात को वह ऑब्जेक्शन के रूप में आपके सामने रखते हैं। इसी बात को आपको क्लियर करना होता है इसके बारे में इंफॉर्मेशन देना होता है कि लोग इस बिज़नेस में जुड़ते कैसे हैं?

अगर कोई व्यक्ति आपके सामने यह ऑब्जेक्शन करता है कि इस तरह के बिजनेस तो मार्केट में बहुत आई और बहुत गई इस तरह के बिजनेस मार्केट में ही नहीं टिकती है।

नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी फ्रॉड होती है। इस ऑब्जेक्शन के पीछे का असली मतलब यह होता है कि वह आपसे यह जानना चाहते हैं कि क्या आपके नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी लीगल है? और अगर लीगल है तो इसके बारे में आप मुझे इंफॉर्मेशन दीजिए और इसका डॉक्यूमेंट भी दिखाइए।

5. Reflex reaction


यानी कि बिना सोची समझी प्रतिक्रिया

यानी कि बिना कुछ सोचे समझे ‘ना’ बोल देना। इसको मैं आप सभी को एक उदाहरण से समझाना चाहूंगा जिससे कि आप सभी को यह समझ में आ जाएगा कि बिना सोचे समझे प्रक्रिया आखिर किसे कहा जाता है।

तो जैसे कि मान लीजिए आपको सुबह में जल्दी उठना है और ऑफिस जाना है और आपकी पत्नी आपसे सुबह में यह बोलती हैं कि क्या आपको ऑफिस जाने के लिए लेट नहीं हो रहा है और आप बिना कुछ सोचे और बिना उनकी बातों को सुने यह बोल देते हैं कि नहीं।

और जब आपके माइंड में यह क्लिक होता है कि अरे उसने तो यह पूछा था कि मुझे ऑफिस जाना है या नहीं तब आप यह बोलते हैं कि मुझे ऑफिस जाना है मेरे लिए टिफिन तैयार कर देना।

यानी कि आप पहले ना क्यों बोलते हैं तो आप ना सबसे पहले इसलिए बोलते हैं क्योंकि आप सोच समझकर नहीं बोलते हैं। आप उसके बातों को ध्यान से सुने भी नहीं होते हैं और ना बोल देते हैं तो यह जो रिएक्शन है ना बोलने का यह है, रिफ्लेक्स रिजेक्शन आप सोच समझकर प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। यह बस आप एक आदत के स्वरूप मना कर देते हैं किसी को तुरंत ना बोल देते हैं।

यहां पर मैं आप सभी को सिर्फ इतना समझाना चाह रहा हूं कि कई बार लोग आपको रिफ्लेक्स रिएक्शन देते हैं और अगर आप उस रिएक्शन से घबरा करके आप उनसे मिलना बंद कर देते हैं।

और यह मान लेते हैं कि यह व्यक्ति तो नेगेटिव है यह इस बिजनेस को नहीं करेगा। अगर आप ऐसे सोच लेते हैं तो आप सफलता से असफलता की ओर जाने लगते हैं यानी कि आप बहुत बड़ी गलती करते हैं।

6. Limiting beliefs

इस वजह से भी ज्यादा लोग ऑब्जेक्शन देते हैं जिसकी वजह से व्यक्ति कई बार आपके सामने Limiting beliefs रख देता है।

या तो उनके मन में खुद के बारे में कोई पूर्वाग्रह है यानी कि वह अपने आप को कमजोर मानते हैं वह सोचते हैं कि मैं इस बिजनेस को नहीं कर कर पाऊंगा।

इस बिजनेस को करने के लिए मेरे पास पैसे नहीं है मेरे पास टाइम नहीं है यह सोचते हैं कि इस बिजनेस को करने के लिए बहुत ज्यादा एजुकेशन की जरूरत पड़ती है।

तो मैं आप लोगों को समझना चाहूंगा की या तो यह बात उनके माइंड में चलता रहता है या फिर नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस के बारे में उनको पहले से नेगेटिव बातें पता होती है।

जैसे कि उनका कोई दोस्त किसी स्कीम में फंस गया या फिर उनका कोई रिलेटिव किस स्कीम में फंस गया और वह लोग इनको नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस के बारे में कुछ नेगेटिव बातें बता देते हैं।

तो हो सकता है कि जितनी जानकारी उनके पास है नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस के बारे में उनको सिर्फ नेगेटिव बातें ही पता है। तो आप इस बात को समझ जाइए कि जो व्यक्ति यह बातें बोल रहा है। यह सिर्फ और सिर्फ Limiting beliefs की वजह से कर रहा है।

जिस भी बारे में उसको कोई Limiting beliefs उसके बारे में आप उसको टेस्टिमोनियल दिखा सकते हैं। आप यह दिखा सकते हैं कि जो उसके जैसे ही लोग थे और आज इस बिजनेस में वह लोग कामयाब हैं।

अगर वह व्यक्ति आपके सामने यह ऑब्जेक्शन रखता है कि मैं ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूं, तो आप ऐसे लोगों के बारे में बता सकते हैं जो लोग ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे लेकिन आज वह लोग इस बिजनेस में सक्सेसफुल हैं।

और अगर नेटवर्क मार्केटिंग को लेकर के उसके माइंड में कोई Limiting beliefs है तो नेटवर्क मार्केटिंग में जो लोग सफल हैं उनका टेस्टिमोनियल दिखाकर आप उनको कन्वींस कर सकते हैं अपने बिजनेस में जुड़ने के लिए।

अगर आप आज के इस लेख में बताए गए बातों को ध्यान में रखते हैं तो जब भी आपके सामने कोई ऑब्जेक्शन आएगा तो आप उस ऑब्जेक्शन को बहुत ही आसानी से हैंडल कर लेंगे,

और आपको यह पता भी होगा कि यह व्यक्ति किस लिए यह ऑब्जेक्शन मेरे सामने कर रहा है और आप उस ऑब्जेक्शन को हैंडल करके उस व्यक्ति को अपने बिजनेस में ज्वाइन करा पाएंगे।

यदि आप सभी को आज का हमारा यह लेख (How to handle objections in network marketing business नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस में ऑब्जेक्शन को कैसे हैंडल करें) पसंद आया हो तो कृपया करके आप सभी हमारे इस लेख को अपने टीम के हर मेंबर के साथ जरूर शेयर करें।

ताकि वह सभी लोग भी (How to handle objections in network marketing business नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस में ऑब्जेक्शन को कैसे हैंडल करें) के बारे में समझ सके और दूसरों को समझा सके।

आप और भी ऐसे बहुत सारे लेख पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.networkmarketinghindi.com पर Visit कर सकते हैं।

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आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Angesh Kumar Gond | Blogger | YouTuber, Hello Guys, मेरा नाम अंगेश कुमार गोंड हैं । मैं एक ब्लॉगर और youtuber हूं । मेरा दो YouTube चैनल है । एक Angesh Kumar Gond जिस पर एक लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं और दूसरा AG Digital World यह मेरा एक नया चैनल है जिस पर मैं लोगों को ब्लॉगिंग और यूट्यूब के बारे में सिखाता हूं, कि कैसे कोई व्यक्ति जीरो से शुरुआत करके एक अच्छा खासा यूट्यूब चैनल और वेबसाइट बना सकता है । Thanks.

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