History Of Direct Selling in India and the world in Hindi

History Of Direct Selling in India and world in Hindi. आज मैं आप सभी से बात करूंगा History Of Direct Selling in India के बारे में या यूं कहें कि भारत में डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत कब हुई।

यदि आप डायरेक्ट सेलिंग में काम करते हैं तो आपकी इच्छा होगी की हम जिस इंडस्ट्री में काम करते हैं उस इंडस्ट्री की शुरुआत कब और कैसे हुई। तो अब आपको चिंता करने की कोई बात नहीं है क्योंकि मैं बताऊंगा आप सभी से की नेटवर्क मार्केटिंग या डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत कब और कहां से हुई ।

History Of Direct Selling in India and world in Hindi

डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत कब हुई When did direct selling start?

सन 1917 में चाइना में Dr. Carl Rehnberg एक छोटा सा सप्लीमेंट बनाया और उसको अपने आसपास के लोगों को बेचना शुरू किया, यहाँ डायरेक्ट सेलिंग का या यूं कहें कि नेटवर्क मार्केटिंग का एक छोटा सा कांसेप्ट आया था।

सन 1929 में वे अमेरिका चले गए और वहां पर जाकर के उन्होंने ” कैलिफोर्निया विटामिन कंपनी” के नाम से एक कंपनी की शुरुआत की और वह इस कंपनी को चलाते रहे और इसके साथ ही उन्होंने इस कंपनी में एक के बाद एक कई सारे सप्लीमेंट प्रोडक्ट प्रोडक्ट को लांच किया। 1939 से 1945 तक इस कंपनी को चलाया।

“सन 1945 में इतनी खूबसूरत इंडस्ट्री नेटवर्क मार्केटिंग या डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत हुई।”

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“सीधे मैन्फैक्चर ( कंपनी ) से कस्टमर”

Direct Selling

भारत में डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत कब हुई When did direct selling start in India?

भारत में नेटवर्क मार्केटिंग और डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत सन 1995 में हुई थी। मोदी केयर भारत की सबसे पहली नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी है। इनके द्वारा ही भारत में सबसे पहले नेटवर्क मार्केटिंग या डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री की शुरुआत की गई थी ।

सन 1995 से 2015 तक डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री सबसे ज्यादा दिक्कत में थी। डायरेक्ट सेलिंग के लिए उस समय कोई भी नियम कानून नहीं था जिसकी वजह से इस इंडस्ट्री में धोखाधड़ी वाले बहुत कार्य होते थे।

कोई नियम कानून ना होने की वजह से कोई भी व्यक्ति डायरेक्ट सेलिंग कंपनी खोल लेता था और किसी भी प्रकार का स्कीम शुरू कर देता है जिसकी वजह से लोगों को आए दिन धोखाधड़ी का सामना करना पड़ता था ।

काफी जद्दोजहद के बाद 09 सितम्बर 2016 में डायरेक्ट सेलिंग के लिए एक अलग से कानून बनाया गया और कुछ गाइडलाइन जारी किए गए तब से जाकर के डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां अच्छे से काम कर रहीं हैं, नहीं तो उससे पहले डायरेक्ट सेलिंग के नाम पर केवल पौंजी स्कीम चलाया जाता था।

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अब यदि आप डायरेक्ट इंडस्ट्री में काम करते हैं तो आपको चिंता करने की कोई बात नहीं है, क्योंकि यहां पर सरकार के द्वारा डायरेक्ट सेलिंग के लिए अलग से गाइडलाइन बनाई गई है और हर डायरेक्ट सेलिंग कंपनी को इस गाइडलाइन को फॉलो करना है यदि कोई कंपनी डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन को फॉलो नहीं करती है तो उस कंपनी को बंद करवा दी जाती है।

डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री भारत के बहुत ही खूबसूरत इंडस्ट्री में से एक इंडस्ट्री है। आपको जरूरत है सही कंपनी में सही लोगों से जुड़ करके काम की शुरुआत करना, क्योंकि इस इंडस्ट्री में आपका भविष्य सभी बन सकता है जब आपके पास कंपनी अच्छे हो और जिसके साथ आप काम की शुरुआत करने जा रहे हैं वह आपका सीनियर अच्छा होना चाहिए।

यदि इन दोनों में से कोई एक का काम गलत होगा तो आपका कैरियर चौपट हो सकता है। आपका पूरा समय बर्बाद हो सकता है, इसलिए जब भी किसी डायरेक्ट सेलिंग या नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी जुड़ने की बात करें तो आप इन दो बातों का विशेष ध्यान दीजिएगा। पहला कंपनी सही होना चाहिए दूसरी चीज आपका सीनियर सही होना चाहिए अगर यह दो लोग सही हैं तो डायरेक्ट सेलिंग में आपका भविष्य बन सकता है और यह दोनों खराब है तो कभी भी आप डायरेक्ट सेल्लिंग में सफल नहीं हो सकते हैं।

आज के इस लेख में हमने जाना की नेटवर्क मार्केटिंग या डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री की शुरुआत कब हुई (History Of Direct Selling in India and world in Hindi) और कहां से हुई। मैं उम्मीद करता हूं कि आप सभी को आज का हमारा यह लेख नेटवर्क मार्केटिंग या डायरेक्ट सेल्लिंग की शुरुआत हुई (History Of Direct Selling in India and world in Hindi) बहुत पसंद आया होगा यदि पसंद आया हो तो कृपया करके आप सभी हमारे इस लेख को को अपने टीम के हर मेंबर के साथ जरूर शेयर करें ताकि वह लोग भी जन सकें की इसकी शुरुआत कब हुई थी।

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आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !

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