Bill Gates Biography in Hindi बिल गेट्स का जीवन $112 बिलियन यूएस All about to network marketing and direct selling in hindi

Bill Gates Biography in Hindi बिल गेट्स का जीवन

Bill Gates Biography in Hindi बिल गेट्स का जीवन

Bill Gates Biography in Hindi. Bill Gates दुनिया के दुसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनके पास $112 बिलियन यूएस डॉलर है यानी कि 83,98,32,00,00,000 इंडियन रुपये हैं। वह 1 मिनट में 15,00,000 रुपए कमा लेते हैं। सिर्फ यही नहीं वह जब तक जिंदा रहेंगे तब तक यूं ही प्रत्येक मिनट 15 लाख रुपए या इससे अधिक कमाते रहेंगे।

कहा जाता है की Bill Gates का अपना खुद का एक देश होता तो वह देश इस दुनिया का 37वाँ सबसे अमीर देश होता। दोस्तों Bill Gates ने अपने जीवन में जो किया है वह सब आज आप सभी को मैं विस्तार से बताऊंगा। शुरू से लास्ट तक हमारे साथ बने रहिए।

सन 1955 में 28 अक्टूबर के दिन Seattle Washington, United States of America में बिल गेट्स का जन्म हुआ। उनका पूरा नाम है Willian Henry Gates हैं। उनके पिता का नाम Bill Gates Sr. और उनके माता का नाम Mary Maxwell Gates था।

जब वह बड़े हुए उनके माता-पिता ने उनका दाखिला Lakeside School में कर दिया जोकि उस समय का सबसे अच्छा स्कूल था। उस स्कूल में Bill Gates पढ़ाई और लिखाई में बहुत ही इंटेलिजेंट बच्चा साबित हुए। उनमें बचपन से ही पढ़ने की अलग ही भूख थी।

Bill Gates Biography in Hindi

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Bill Gates Biography in Hindi. वह अपने स्कूल की मौजूद पुस्तकों के साथ-साथ इनसाइक्लोपीडिया भी पढ़ा करते थे। सन 1969 में बिल गेट्स ने अपना हाई स्कूल शुरू किया यह वह दौर था जब इंसान पहली बार चांद पर गया था और यह मिशन कंप्यूटर की वजह से ही सफल हुआ था और उसी दौरान सिएटल नाम की कंपनी ने Lakeside School को अपने कंप्यूटर विद्यार्थियों को सिखाने और उसे जानने के लिए दी।

बिल गेट्स शुरू से ही किसी भी चीज के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने के लिए उत्सुक रहते थे और इसीलिए अपना दाखिला कंप्यूटर क्लास में करवा लिया और जल्द ही उन्हें कंप्यूटर में रूचि बनने लगी। उनको हमेशा यह जानने की इच्छा रहती थी कि आखिर यह कंप्यूटर काम कैसे करता है और इसीलिए अपना ज्यादा से ज्यादा समय कंप्यूटर क्लास में बिताते थे।

एक दिन अपने कंप्यूटर क्लास में बिल गेट्स कि मुलाकात Paul Allen से हुई जो उनसे 2 साल बड़े थे। ऐसे में दोनों कि विचार मेल नहीं खाती थी। चूँकि जहां Allen शर्मिला और शांत स्वभाव के थे और वहीँ Bill Gates का स्वभाव उनसे बिल्कुल विपरित था ।

लेकिन कंप्यूटर से मिलती-जुलती दोनों की एक ही धारणाओं कि वजह से एक अच्छे दोस्त बन गए और उस समय कोई यह सोच भी नहीं सकता था कि वह दोनों मिलकर पूरी दुनिया को बदल कर रख देगे ।

सन 1970 में जब बिल गेट्स 15 साल के थे तब उन्होंने Paul Allen के साथ मिलकर Traf-o-Data एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम बनाया जो शहर में होने वाले यातायात परिवहन को मापता था और इसके लिए उन्हें $20000 मिले । जो इनकी पहली कमाई आई थी और इसी के साथ बिल गेट्स ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में प्रवेश कर लिया था ।

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सन 1972 में जब वह 17 वर्ष के थे तो उन्होंने एलन के साथ मिलकर अपनी खुद की कंपनी खोलने के बारे में विचार करना शुरू कर दिया लेकिन बिल गेट्स के माता-पिता ने पहले हाई स्कूल खत्म करके कॉलेज में प्रवेश करने पर जोर दिया। क्योंकि उनके पिता वकिल थे और इसीलिए वह चाहते थे की बिल गेट्स कानून का शिक्षा लें ।

सन 1973 में बिल गेट्स ने अपना हाई स्कूल खत्म किया और एग्जाम में 1600 में से 1590 अंक प्राप्त करके अपनी बुद्धिमता का परिचय दिया इस पर उनके माता-पिता बहुत खुश हुए और उन्होंने बिल गेट्स का एडमिशन Harvard University में करवा दिया और चाहा कि बिल गेट्स कानून का शिक्षा ले.

लेकिन बिल गेट्स का सपना कुछ और ही था फिर भी उन्होंने ध्यानपूर्वक Law में अपना कैरियर बनाने पर विचार किया लेकिन उसमें कोई ऐसा विषय नहीं मिला जिसमें कंप्यूटर जैसी रुचि हो और इसीलिए वह अपना ज्यादा से ज्यादा समय Harvard कंप्यूटर सेंटर में ही बिताते ।

दिसंबर सन 1974 में Allen को एक Popular Electronics नाम कि Magazine मिली जिसके कवर पेज पर दुनिया के सबसे पहले Minicomputer kit, the Altair 8800 Computer की घोसणा कि गई थी। यह खबर मिलते ही Allen, बिल गेट्स के पास गए और उन्होंने बिल गेट्स से सब कुछ बताया इस बात से वह दोनों बहुत ही खुश हुए क्योंकि वह जानते थे कि अगर यह कंप्यूटर बन गया तो दुनिया में हर एक इंसान इसका इस्तेमाल कर के अपने काम को आसान कर पाएगा ।

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The Altair 8800 Computer , New Mexico में एक ED Roberts Company के द्वारा बनाया गया था। Henry Edward Roberts जो इस कंपनी को चला रहे थे उनको तलाश थी एक ऐसे इंसान इंसान की जो ऐसा सॉफ्टवेयर बना पाए, जोकि इनकी कंप्यूटर को चला सके ।

जी जान से मेहनत करना by Bill Gates Biography in Hindi

बिल गेट्स और एलेन के पास यह एक अपने किस्मत को चमकाने का सुनहरा मौका था इसीलिए उन्होंने इस कंपनी से कांटेक्ट किया और घोषणा की वह एक बेसिक सॉफ्टवेयर के प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं जो Altair कंप्यूटर को चलाएगा और उसके बाद उन दोनों ने Harvard Computer सेंटर में पूरे 2 महीने तक दिन और रात काम किया और एक सॉफ्टवेयर बना दिया।

फरवरी सन 1975 को उस सॉफ्टवेयर को टेस्ट करवाने के लिए गए। जब वह सॉफ्टवेयर Altair 8800 Computer में इंस्टॉल किया गया तो वह सही से काम करने लगा, और यह उनके जीवन का सबसे बेहतरीन पल था। जिसका कंप्यूटर उद्योग पर ऐतिहासिक प्रभाव पड़ा।

क्योंकि उन्होंने इस के बाद कभी ना रुकने का फैसला किया और सिर्फ 19 साल की उम्र में बिल गेट्स ने Allen के साथ मिलकर सन 1975 में ( Microsoft ) माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की स्थापना की। ED Roberts Company के साथ मिलकर काम करने लगे और देखते ही देखते कंप्यूटर की खपत इतनी बढ़ गई कि बिल गेट्स ने अपने पढ़ाई को फाइनल ईयर से पहले ही छोड़ दिया।

परेशानियों से न घबराएँ by Bill Gates Biography in Hindi

लेकिन शुरुआती दौर में बिल गेट्स और एलेन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि लोगों में कंप्यूटर को लेकर एक ऐसा कल्चर फेमस होने लगा जिसमें लोग पर्सनल कंप्यूटर तो खरीद रहे थे लेकिन इंफॉर्मेशन सॉफ्टवेयर को एक दूसरे के साथ शेयर कर लेते थे इसीलिए किसी को भी सॉफ्टवेयर के लिए पैसे खर्च करने में कोई भी रुचि नहीं थी। लेकिन बिल गेट्स और एलेन ने इस सॉफ्टवेयर को बनाने में काफी मेहनत की थी इसीलिए इस बात का बहुत ही बुरा लगता ।

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फरवरी सन 1976 में बिल गेट्स ने कंप्यूटर में रुचि रखने वाले को यह कहते हुए एक पत्र लिखा कि बिना किसी सॉफ्टवेयर के खरीदें उसका इस्तेमाल करना मतलब नय सॉफ्टवेयर को बनने से पहले उसको रोक देना होगा लेकिन लोगों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

इस पर बिल गेट्स बहुत ही निराश हुए लेकिन उनकी एकाग्रता ना केवल सॉफ्टवेयर बनाने में थी बल्कि उसके साथ-साथ बिजनेस को आगे बढ़ाने और कंपनी को टॉप पर ले जाने की भी थी। जरूरत पड़ने पर वे कंपनी में एंपलाई द्वारा बनाए गए कोड को वह खुद चेक करते और उसमें से एरर को निकालते थे ।

बिल गेट्स की मेहनत और लगन की वजह से कंपनी की तरक्की दिन प्रतिदिन Apple , Intel और IBM जैसी Hardwere बनाने वाली कंपनी कि तरफ बढ़ती जा रही थी और फिर माइक्रोसॉफ्ट ने नए सॉफ्टवेयर का अलग-अलग भाषाओं में विस्तार किया और अन्य कंप्यूटर कंपनियों को अपने उत्पादों को बेचना शुरू कर दिया ।

सन 1978 के अंत तक आते-आते इन सॉफ्टवेयर की बिक्री 1 Million यानि कि 10 लाख से भी ज्यादा हो गई और सन 1978 से लेकर 1981 के बीच माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में आश्चर्यजनक विकास देखने को मिला और बहुत ही कम समय में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों की संख्या 13 से बढ़कर 128 हो गई ।

नवंबर सन 1980 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के पास एक ऐसा मौका आया जिसने उनकी किस्मत को बदल कर रख दिया। क्योंकि दुनिया में सबसे बड़ी कंपनी कंप्यूटर बनाने वाली IBM ने माइक्रोसॉफ्ट को अपने नए पर्सनल कंप्यूटर के लिए सॉफ्टवेयर बनाने की पेशकश की।

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यह बिल गेट्स और एलेन के लिए बहुत ही अच्छा मौका था और इसीलिए उन्होंने आईबीएम के लिए नया सॉफ्टवेयर माइक्रोसॉफ्ट एमएस डॉस बनाया और आईबीएम कंपनी ने इस सॉफ्टवेयर का सोर्स को $50000 में खरीदना चाहा। लेकिन बिल गेट्स बहुत ही इंटेलिजेंट और चलाक बिजनेसमैन थे उन्होंने आईबीएम के इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया।

क्योंकि बिल गेट्स चाहते थे आईबीएम जितने भी कंप्यूटर में उनका सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके बेचे, उस हर एक कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट भी पैसा कमाए और इसीलिए आईबीएम कंपनी को उनको बेचे गए हर एक पीसी पर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को लाइसेंस फीस चुकानी पड़ती ।

ऐसे ही मार्केट में कुछ और भी कंपनियां आई जिन्होंने आईबीएम से भी सस्ती कंप्यूटर मार्केट में उतारे और माइक्रोसॉफ्ट ने उनको भी अपना सॉफ्टवेयर बेचे और सन 1981 के मध्य में बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के प्रेसिडेंट और Paul Allen ” Executive Vice President “ बन गए ।

सन 1983 तक आते आते माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का टर्नओवर 4 मिलियन डॉलर से बढ़कर 16 मिलियन डॉलर हो गया और पूरी दुनिया में जितने भी पर्सनल कंप्यूटर थे उसमें से 30 परसेंट में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सॉफ्टवेयर चलाया जा रहा था और सन 1983 तक जहां एक तरफ बिल गेट्स 28 साल की उम्र में कामयाबी के शिखर को छू रहे थे और पूरी दुनिया में बिल गेट्स और Paul Allen के द्वारा बनाई गई सॉफ्टवेयर की डिमांड बढ़ती जा रही थी ।

वहीं दूसरी ओर एलेन को एक गंभीर बीमारी हो गई जो कैंसर की श्रेणी में आती थी, हालांकि लगभग 1 साल बाद Paul Allen धीरे-धीरे अब ठीक होने लगे थे । माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की दिन प्रतिदिन बढ़ती कारोबार में ज्यादा हिस्सा नहीं ले सकते थे इसीलिए उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट को छोड़ दिया। इसी के साथ बिल गेट्स और Paul Allen का पार्टनरशिप की अंत हो गई ।

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सन 1984 में केवल बिल गेट्स ही माइक्रोसॉफ्ट का इकलौता चेहरा रह गए और उनके लगतार परिश्रम से 1985 में उनकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 140 मिलियन डॉलर से भी अधिक की सेल की ।

हमेशा कुछ नया-नया करते रहें

सन 1986 में बिल गेट्स ने पहली बार माइक्रोसॉफ्ट विंडो मार्केट में उतारा, जिसमें कोई भी कंप्यूटर को आसानी से माउस के जरिए इस्तेमाल कर सकता था और सन 1986 में ही बिल गेट्स ने अपनी कंपनी को सार्वजनिक कर दिया। जिसमें माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को एक नया वित्तीय और रचनात्मक आधार दिया और उन्होंने कुल स्टॉक का 45 % हिस्सा अपने पास रखा जिसने उन्हें 31 साल की उम्र में ही अरबपति बना दिया था ।

सन 1987 तक बिल गेट्स दुनिया के सबसे कम उम्र के अरबपतियों में से एक थे लेकिन इस साल माइक्रोसॉफ्ट को सबसे बड़े क्राइसिस का सामना करना पड़ा क्योंकि आईबीएम ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सॉफ्टवेयर एमएस डॉस को अपने खुद का बनाया हुआ सॉफ्टवेयर OS / 2 से बदल दिया और माइक्रोसॉफ्ट को आईबीएम से बाहर कर दिया।

लेकिन बिल गेट्स ने अपने कंपनी के बड़े कस्टमर को खो देने के बाद भी वह हार नहीं माने और माइक्रोसॉफ्ट विंडो को अपग्रेड करना शुरू कर दिया ।

22 मई सन 1990 में माइक्रोसॉफ्ट ने एक नई विंडो 310 को लांच किया और साथ ही साथ माइक्रोसॉफ्ट प्रोडक्ट की कीमत भी घटा दी। इसके पीछे उनका मकसद था की कोई और भी सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी उनके सामने टिक ना सके और इसी वजह से आईबीएम OS / 2 सॉफ्टवेयर मार्केट में फेल हो गया और Microsoft Window 310 मार्केट में सबसे ज्यादा बिकने वाली विंडो बन गई ।

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समस्याओं से न घबराएँ

1993 बुरा समय अभी भी माइक्रोसॉफ्ट से खत्म नहीं हुई थी। क्योंकि सन 1993 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की न्याय विभाग द्वारा कुछ कानूनी जांच की गई जिसमें पाया गया कि माइक्रोसॉफ्ट कंपनी कंप्यूटर निर्माताओं द्वारा बेचे गए कंप्यूटर कुल संख्या के आधार पर लाइसेंस फी चार्ज कर रही थी चाहे उनमें माइक्रोसॉफ्ट का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया ही ना गया हो ।

जुलाई 1994 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को न्याय विभाग के बात से सहमत होकर चार्ज लगाना बंद करना पड़ा और फिर न्याय विभाग द्वारा इस केस को बंद कर दिया गया और इसी साल 1 जनवरी 1994 में 37 साल की उम्र में बिल गेट्स ने उन्ही की कंपनी में काफी साल से काम कर रही 28 वर्षीय Melinda French से शादी कर ली थी।

लेकिन उनकी शादी के कुछ ही महीनों बाद 10 जून सन 1994 को उनकी मां को कैंसर हो गया जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई, इसकी वजह से बिल गेट्स बहुत ही दुखी हुए ।

सन 1995 माइक्रोसॉफ्ट के लिए बहुत ही अच्छा रहा क्योंकि इस साल बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट Window 95 को लांच किया था। बिल गेट्स अपने 42 साल की उम्र तक अमेरिका में रहने वाले दुनिया के सबसे ज्यादा अमीर इंसान थे जिनके पास 50 Billion Dollars कि संपत्ति थी।

जो बढ़ते-बीढ़ते आज 112 बिलियन डॉलर हो गई है । अब बिल गेट्स के पास दो बेटियां और एक बेटा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतना अपार धन होने के बावजूद भी , बिल गेट्स ने अपने बच्चों को वसीयत में से सिर्फ 10 मिलियन डॉलर देकर जाने का फैसला किया है।

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जोकि इनके दौलत का एक बहुत ही छोटा सा हिस्सा है और इसके बारे में बिल गेट से पूछे जाने पर वह इतना ही कहते हैं कि मैं अपने बच्चों को एक अच्छी शिक्षा दूंगा, लेकिन इतनी अधिक दौलत छोड़कर जाना मेरे बच्चों के लिए उचित नहीं है । मैंने कुछ साल पहले ऐसा महसूस किया कि मेरी दौलत जो समाज से आई है वह समाज में वापिस जानी चाहिए । इतनी दौलत जिसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है वे उनकी बच्चों को नहीं जानी चाहिए यह उनके लिए सही नहीं होगा ।

मैं आप सभी को बताना चाहूंगा कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाला विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम दुनिया के 80 % से भी जयदा यूज होने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है । जिसको माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने बनाया है और आज बिल गेट्स दुनिया के सबसे कामयाब और अमीर बिजनेस मैन हैं और एक अच्छे बिजनेस मैन होने के साथ ही उनके मानव स्वभाव के कारण और अनगिनत धन-संपत्ति दान करने के लिए कई पुरस्कारों से नवाजा गया है।

सन 2014 में बिल गेट्स ने चेयरमैन के पद से हटकर Satya Nadella को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का Chief Executive Officer बनाया जो एक भारतीय है ।

बिल गेट्स अब अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक एनजीओ The Bill & Melinda Gates Foundation चलाते है और पूरी दुनिया में बहुत ही भलाई का काम करते हैं ।

Bill Gates Quotes in Hindi

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दोस्तों यह बिल गेट्स द्वारा कही गई कुछ रोचक और महत्वपूर्ण बातें :- Bill Gates Biography in Hindi

” अपने आप की तुलना किसी से मत करो, यदि आप ऐसा कर रहे हैं तो आप स्वयं अपनी बेइज्जत कर रहे हैं । ”

” जब आपके हाथ में पैसा होता है तो केवल आप भुलाते हैं कि आप कौन हैं लेकिन जब आपके हाथ खाली होते हैं तो संपूर्ण संसार भूल जाता है कि आप कौन हैं । ”

” गरीब जन्मे हैं तो यह आपकी गलती नहीं है लेकिन यदि आप गरीब मरते हैं तो यह आपकी गलती है ।”

” मै एक कठिन काम को करने के लिए एक आलसी इंसान को चुनुँगा क्योंकि आलसी इंसान उस काम को करने का एक आसान तरीका खोज लेता है ।”

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” अगर आप अच्छा बना नहीं सकते तो कम से कम ऐसा तो कीजिए कि वह अच्छा दिखे ।”

उम्मिद करते हैं आप सभी को आज का यह कहानी Bill Gates Biography बहुत ही अच्छा लगा होगा यदि आप सभी को अच्छा लगा है तो कृपया आप सभी इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें और मुझे कॉमेंट्स कर के जरुर बताये ।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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ANGESH KUMAR

Hello Everyone, My Name is Angesh Kumar. I'm hailing to Padruna - Kushinagar (U.P). I have completed my graduation from JSSEI Gonda in 2017.I'm a Digital Marketer and Network Marketer last 2 Years. I'm sharing my knowledge with you, So Please Support me.

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